जो देखा सो कित्ता - घर घर की कहानी |
हमेशा की तरह साँझ को जब चाय पी रहा था तो कुछ सुनी हुई सी तेज तर्रार आवाज़ कानों में सुनायी दी । सुनने के बाद लगा कि किसी बच्ची के चिल्लाने की आवाज़ है, मगर दूसरी सी तरफ से कोई आवाज़ नहीं थी। बच्ची लगातार चिल्लाती जा रही थी। जब बच्ची की माँ ने पूछा कि क्या हुआ, क्यों चिल्ला रही हो , तो जवाब मिला कि इस बुढ़िया को समझा लो, इसने मेरा दिमाग़ खराब कर रखा है, हर वक़्त मुझे टोकती ही रहती है। इसे चैन नहीं है, मेरे पर्सनल लाइफ़ में बहुत दखल दे रहे हैं। अभी बच्ची की उम्र मात्र 10 साल की रही होगी, जिसे अभी स्कूल का ठीक से ज्ञान नहीं है, वो बोल रहे हैं कि मेरे पर्सनल लाइफ़ में दखल न दे बोल दो इसे।" बच्ची की माँ बोली, "क्या बताऊं, बेटी, तुम्हारी दादी ने हम सब को जीना दुभार कर दिया है, सिर्फ़ तू ही नहीं, ये हमें भी नहीं जीने दे रहे हैं। हम गाँव छोड़कर इतने दूर आ गए मगर ये है कि हमारे साथ यहाँ पर आ गए बुजुर्गों का शहर में क्या काम है, मगर कुछ समझ नहीं आता। तुम्हारे पापा ने हमारे ऊपर एक मुसीबत बिठा दी है जो कि हमें चैन से जीने नहीं दे रहे हैं। सोचा था कि अपनी ज़िंदगी ठीक से कट जाएगी मगर न...